गर्भावस्था में पोषण से संबंधित मिथक

गर्भावस्था में पोषण से संबंधित मिथक

जब कोई महिला मां बनने वाली होती है तो सबसे पहले वह अपने जीवन से जुड़ी जिन आदतों में बदलाव लाती है वह होती हैं, भोजन संबंधी आदतें। मां जो भी करती है या खाती है उसका सीधा प्रभाव बच्चे पर पड़ता है। हमारे मित्र, परिवार के सदस्य और आसपास रहने वाले सभी नई मां की फिक्र करते हैं इसलिये बहुत सी सलाह देते हैं जैसे कि गर्भवती महिला को गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। परन्तु इस बात को लेकर बहुत से भ्रम और मिथक रहे हैं, आइए जाने-

गर्भावस्था में  मिथक है, गर्भवती महिला को दो व्यक्तियों का खाना खाना चाहिए, अपने और अपने बच्चे के लिए। जबकि यह गलत है। खाने की मात्रा की जगह खाने की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।  आप अधिक मात्रा में खा कर अपना वजन बढ़ा लेंगे और कुछ नही। बच्चे के जन्म के बाद वजन कम करने में उतनी ही मुश्किल होगी। इसलिए आहार संतुलित मात्रा में खायें।

कहा जाता है कि, यदि गर्भवती महिला केसर का प्रयोग करे तो बच्चे का रंग गोरा होता है, यह पूर्णतया एक मिथ्य है। केसर का बच्चे के रंग से कोई संबंध नहीं। बच्चे का रंग माता-पिता की जींस पर निर्भर करता है।

गर्भवती महिला को पपीता और अनानास नहीं खाना चाहिए, यह भी एक मिथक है। पपीते की तासीर गर्म होती है इसलिए पपीता ना खाने की सलाह दी जाती है, जबकि केवल इस बात का ध्यान रखा जाए कि फल कच्चा ना हो क्योंकि कच्चे फल में कुछ ऐसे एंजाइम्स होते हैं जो गर्भाशय में संकुचन उत्पन्न कर सकते हैं। बस अधिक मात्रा में न खायें।  कई बार कच्चे फलों को कुछ रासायनों द्वारा पका लिया जाता है।  इसलिए पपीता खाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें लें।

गर्भावस्था में महिलाओं को ठंडे और खट्टे फलों को खाने से मना किया जाता है जबकि इन खट्टे फलों जैसे संतरा, सेब, अंगूर तथा दही, लस्सी में बहुत ही पौष्टिक तत्व होते हैं जो मां के साथ-साथ बच्चे के विकास के लिए भी जरूरी होते हैं।  खट्टे फलों में विटामिन सी होता है जो कि मां के शरीर में लौह अवशोषण में सहायक होता हैे और बढ़ते बच्चे की त्वचा के विकास में सहायक होता है।  दही और लस्सी में प्रोबायोटिक्स होता है जो मां की पाचन क्रिया और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं तथा मां को स्वस्थ रखते हैं। इसलिए मां के भोजन में इन पौष्टिक तत्वों को शामिल करना आवश्यक होता है। केवल इतना ध्यान रखें कि संतुलित मात्रा में लिया जाये।

नोट: हर महिला की गर्भावस्था भिन्न-भिन्न होती है अतः आवश्यक है कि खानपान में एक बार अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

पढ़ने के लिये धन्यवाद।

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Amarjeet Sonia Madaan

Hey, I am Amarjeet (Sonia Madaan), a home maker, wife of a wonderful and supportive husband, mom of two school -going boys. Whenever my sons are not around me, I get some me time which is reading and writing for me. I love to express my musings on motherhood and womanhood. I am also passionate about writing diy beauty recipes. Being a  mom blogger  has not only opened up a world of opportunity for me as well as created  friendships  that I will likely have forever. You can find me on kaurstylefile.blogspot.com and fb page kaurstylefile.
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